Saturday, February 4, 2023
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पालमपुर के जनता के साथ किया अन्याय व विश्वासघात-त्रिलोक कपूर

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सूखु सरकार के फैसले जनता विरोधी, पालमपुर की जनता के साथ किया अन्याय व विश्वासघात-त्रिलोक कपूर

  • सुखु सरकार ने डीजल 4 रुपए 40 पैसे और पेट्रोल 7 रुपए 40 पैसे प्रति लीटर बढ़ाकर महंगाई की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया

इंडिया न्यूज, पालमपुर (Palampur-Himachal Pradesh)

सूखु सरकार ने पालमपुर की जनता के साथ पालमपुर में जयराम सरकार द्वारा खोले गये संस्थानों को डिनोटिफाई करके अन्याय व विश्वासघात किया है। ये शब्द भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं पालमपुर विधानसभा से रहे भाजपा प्रत्याशी त्रिलोक कपूर ने पालमपुर में प्रेस को संबोधित करते हुए कहे।

उन्होने सूखु मंत्रिमंडल विस्तार व पालमपुर के विधायक को मुख्य संसदीय सचिव नियुक्त करने पर पालमपुर की जनता और विधायक को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।

उन्होने कहा कि एक माह पूर्व आज के दिन ही प्रदेश विधानसभा का परिणाम आया था, जो कि कांग्रेस सरकार बनाने के लिए स्पष्ट जनादेश मिला था।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने प्रदेश की जनता के लिए ’’10 ग्रंटियों’’ का जुमला देकर लोगों से वोट मांगे थे और यही नहीं महंगाई को ज्यादा बताते हुए कम करने का भी जनता को विश्वास दिलाया था, लेकिन मंहगाई कम तो क्या करनी प्रदेश की सुखु सरकार ने डीजल 3 रुपए 01 पैसे प्रति लीटर बढ़ाकर महंगाई की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।

उन्होने कहा कि अभी विधायकों की शपथ भी नहीं हुई थी कि कांग्रेस ने बदले की भावना से जो जयराम सरकार ने जो जनहित का ध्यान रखते हुए निर्णय लिए थे, ऐसे वह सभी निर्णय अप्रैल 2022 के बाद के थे उन सभी को डीनोटिफाई करके करके जनविरोधी कदम उठाया है, जिससे पालमपुर की जनता समय आने पर जबाब देगी।

उन्होने कहा कि जयराम सरकार के विशेष प्रयासों से 70 वर्षों के बाद पालमपुर को विकासखंड (bdo office at Palampur) मिला था, उसको भी डिनोटिफाई कर दिया। इससे पहले भी पालमपुर की जनता को पंचायती राज संबधी कार्य करवाने के लिए या तो बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र के बैजनाथ में या जैसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के पंचरूखी या सुलह विधानसभा क्षेत्र के भवारना में कार्य के लिए जाना पडता था और अब एक बार फिर पुनः इन्ही स्थानो पर जाना पडेगा जिससे जनता पर बिना मतलब का वितिय बोझ के साथ-साथ समय भी खराब होगा।

साथ में लंबे समय से लोगों की मांग पर चचियां में सब तहसील (sub tehsil at chachian) की मांग पूरी हुई थी, बनूरी में आईपीएच का सबडिवीजन ( iph subdivision at banuri) काम कर रहा था, कंडबाड़ी में सी एच सी (chc at kandbari), आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी मतेहड (ayurvedic dispensary at mather), वेटरनरी हॉस्पिटल खयांपट (veterinary hospital at khayanpatt) और हेल्थ सब सेंटर टांडा (health sub centre at tanda) जैसे जनहित कार्यों को एक ही झटके में ही डीनोटिफाई करके जनता के साथ अन्याय किया है।

उन्होने कहा कि एक माह के समय के भीतर में इस प्रकार के जनविरोधी सुखु सरकार के निर्णय पर पालमपुर के विधायक ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सूखु सरकार ने जनहित में अच्छे व ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं जोकि इस प्रकार की मानसिकता पालमपुर की जनता के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होने कहा कि जनता के साथ किए गए अन्याय के विरुद्ध पालमपुर की जनता ने माननीय उच्च न्यायालय (hon’ble high court at shimla) में एक याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। इसके लिए पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के हर क्षेत्र से हस्ताक्षर अभियान सहित प्रस्ताव लेकर जनता की भावना के साथ माननीय उच्च न्यायालय में दायर की जाने वाली याचिकाओं में सम्मिलित भी किए जाएंगे। इसके लिए भाजपा समर्पित 36 ग्राम पंचायत व 2 नगर परिष्द के सदस्यों ने प्रस्तावना पत्र पर हस्ताक्षर कर दियें है।

उन्होने कांग्रेस के बार-बार के इस आरोप पर कि ऑपरेशन लोटस (lotus operation) का कभी भी खेल हो सकता है पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस का इस प्रकार का आरोप बिल्कुल बेबुनियाद है। अगर देश के राज्य में चाहे कर्नाटक के 18 कांग्रेस के विधायक हों या मध्य प्रदेश के 22 कांग्रेस विधायक या उत्तराखंड के 9 कांग्रेस विधायक या फिर महाराष्ट्र राज्य के 40 शिवसैनिक विधायकों का भाजपा में शामिल होने घटना के आधार पर जो आशंका व्यक्त कर रहे हैं वह बिल्कुल गलत है। इस प्रकार की घटनाएं तभी ही होती हैं जब सत्तारूढ़ पार्टी की जनविरोधी कार्य पद्धति से विधायकों का मन विचलित हो जाता है।

इसी प्रकार अगर हिमाचल प्रदेश में भी जनविरोधी जैसे डीनोटिफाइड निर्णय और मंत्रिमंडल में बड़े जिलों की अनदेखी जैसी घटनाओं से कांग्रेस के विधायकों मैं नाराजगी आती है तो इसे भाजपा को लोटस ऑपरेशन से नहीं देखना चाहिए।

उन्होने कहा कि सुखु सरकार के भेदभाव और क्षेत्रवाद की राजनीति में जिला कांगड़ा की जनता को आहत किया है। पहले उन्होंने विकास की दृष्टि से जयराम सरकार द्वारा दिए गए कार्यालयों को डिनोटिफाई किया और अब जिस की बहुत बड़ी उम्मीद थी, कि सूखु मंत्रिमंडल में प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा से जहां कांग्रेस पार्टी के 10 विधायक जीतकर विधानसभा में पहुंचे हैं, उनमें से कम से कम चार मंत्री बनाकर कांग्रेस जिले का कर्ज चुका सकती है, लेकिन उस दिशा में भी जिला कांगड़ा की जनता को छलते हुए मात्र एक मंत्री पद देकर राजनीतिक दृष्टि से जिला कांगड़ा की जनता की भावना की भावना को आहत करने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि जिला उना से कांग्रेस को चार विधायक में एक उपमुख्यमंत्री, हमीरपुर में 5 विधायकों में से एक मुख्यमंत्री, शिमला जिला से सात विधायकों में से तीन मंत्री, तो कांगड़ा जिला में 10 विधायकों में से मात्र एक ही मंत्री क्यों।
उन्होने कांग्रेस के इस ब्यान पर कि जो भी प्रदेश में जयराम सरकार ने अप्रैल 2022 के बाद कार्यालय के लिए बजट का प्रावाधान नहीं था पर कहा कि ये आरोप गल्त है। जो भी कार्यालय को खोले गये थे, कैबिनेट में पास किये गये थे और बजट का भी प्रावाधान किया गया था। जिस प्रकार पालमपुर का विकास खंड कार्यालय पूर्ण रूप से कार्य कर रहा था।

उन्होने इस बात पर जोर देकर कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपनी तरफ से कार्यालयों को डीनोटिफाई करके जनता के साथ अन्याय व विश्वासघात किया है तो दूसरी ओर भाजपा एक बार पुनः डिनोटिफाई किये गये कार्यालयों को खुलवाकर जनता के लिए खुलवाएगी।

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