Sunday, November 27, 2022
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Animal Damage to Agriculture पशुओं से कृषि को हर साल 500 करोड़ का नुकसान

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Animal Damage to Agriculture पशुओं से कृषि को हर साल 500 करोड़ का नुकसान

लोकिन्दर बेक्टा, शिमला :

Animal Damage to Agriculture : हिमाचल प्रदेश में आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से कृषि को हर साल 500 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है।

यह खुलासा प्रदेश सरकार द्वारा एक एनजीओ के माध्यम से करवाए गए एक सर्वेक्षण में हुआ है। ग्रामीण विकास व कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने मंगलवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक अरुण कुमार के सवाल के एक जवाब में यह बात कही।

वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सोलर फेंसिंग नीलगाय जैसे आवारा जंगली जानवरों से फसलों की रक्षा करने में पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि नीलगाय और इसी तरह के अन्य आवारा जानवरों से फसलों को बचाने के लिए प्रदेश सरकार इंटरलिंक चेन बाड़ बंदी और इंटरलिंक चेन सोलर मिश्रित बाड़ बंदी जैसे विकल्पों को अपना रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य में 19,563 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि आवारा जानवरों की समस्या से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से 4,927 हेक्टेयर भूमि को फिर से खेती योग्य बनाया जा सका है।

इस भूमि पर सरकार ने इंटरलिंक चेन बाड़ बंदी और इंटरलिंक चेन सोलर मिश्रित बाड़ बंदी जैसे उपायों को अपनाया है। कृषि मंत्री ने कहा कि बंदरों से फसलों को बचाने के लिए सरकार ने नसबंदी केंद्र खोले हैं।

इसके अलावा प्रदेश में बंदरों को मारने पर भी कोई प्रतिबंध नहीं है। हालांकि लोग बंदरों को मारने की बजाय उलटा उन्हें पोषित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार सोलर बाड़ बंदी पर 80 फीसदी और सामुदायिक बाड़ बंदी पर 85 फीसदी अनुदान दे रही है। उन्होंने कहा कि इंटरलिंक टेन बाड़ बंदी आवारा जानवरों से फसलों की रक्षा में काफी कारगर साबित हो रही है और सरकार इस कार्य के लिए 70 फीसदी अनुदान व्यक्तिगत तथा सामुदायिक बाड़ बंदी पर दे रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि सामुदायिक बाड़ बंदी अन्य की तुलना में सस्ती भी पड़ रही है। विधायक रविंद्र कुमार ने भी इस संबंध में अनुपूरक सवाल पूछे।

विधायक पवन काजल के सवाल पर ग्रामीण विकास व पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि पिछले 3 वर्षों में 1 फरवरी, 2022 तक प्रदेश में पशु चिकित्सकों के 39 पद भरे गए हैं।

इनमें से 27 पद लोकसेवा आयोग से तथा 12 पद बैच वाइज के माध्यम से भरे गए हैं। उन्होंने कहा कि इस समय पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सा अधिकारियों के 107 पद रिक्त चल रहे हैं।

सावड़ा-कुड्डू पनबिजली परियोजना पर 2186 करोड़ रुपए खर्च (Animal Damage to Agriculture)

ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने कहा कि सावड़ा-कुड्डू पन बिजली परियोजना में बिजली उत्पादन 21 जनवरी, 2021 को शुरू हुआ और इस परियोजना पर 2,186 करोड़ रुपए की धनराशि व्यय हुई।

उन्होंने कहा कि इस परियोजना से 8 फरवरी, 2022 तक 132.55 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है जिसमें से एचपीपीसीएल को 115.32 करोड़ रुपए और राज्य सरकार को लगभग 17.23 करोड़ रुपए की आय हुई है।

ऊर्जा मंत्री कांग्रेस विधायक रोहित ठाकुर के सवाल का जवाब दे रहे थे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस परियोजना की डीपीआर के अनुसार बिजली उत्पादन क्षमता 385.78 मिलियन यूनिट है और पिछले 1 वर्ष में 306.87 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ।

उन्होंने कहा कि नदी में डीपीआर प्रावधान की तुलना में पानी के कम डिस्चार्ज के कारण बिजली का उत्पादन कम हुआ है।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि एपीपीसीएल को वह प्रोजेक्ट मिलते हैं जोकि वित्तीय तौर पर वाइबल नहीं होते और जिनमें कई प्रकार की अन्य दिक्कतें होती हैं। इस कारण इन परियोजनाओं की लागत बढ़ जाती है।

डाक्टरों के 500 पद होंगे सृजित (Animal Damage to Agriculture)

विधायक सुरेंद्र शौरी के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री डा. राजीव सैजल ने कहा कि मेडिकल आफिसर के 500 नए पद सृजित किए जाएंगे और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बजट में इसकी घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि जहां-जहां पर डाक्टरों के पदों को भरने की जरूरत होगी, उन्हें भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि बंजार विधानसभा क्षेत्र के तहत सरकार ने कोविड महामारी से निपटने को 3 वेंटिलेटर, 35 आक्सीजन कंसंट्रेटर एवं 21 आक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवाए गए।

विधायक संजय अवस्थी के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विभाग के पास 50 और एंबुलेंस आएंगी और फिर कुनिहार समेत कई अन्य स्थानों पर एंबुलेंस तैनात की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि चालक की उपलब्धता न होने के कारण कई अस्पतालों में एंबुलेंस खड़ी हैं और इसके लिए आउटसोर्स आधार पर चालकों को रखा जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि कई स्थानों पर चालकों की कमी के कारण 108 एंबुलेंस सेवा नहीं चल पा रही हैं।

हैंडपंप स्थापित करने का काम जारी (Animal Damage to Agriculture)

जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा है कि श्री नैना देवी जी निर्वाचन हलके में 100 हैंडपंप (50 हैंडपंप जुखाला क्षेत्र में तथा 50 बस्सी क्षेत्र में) स्थापित करने की घोषणा की थी लेकिन हाईकोर्ट में 22 अक्टूबर, 2018 को दिए निर्देशों के चलते इन हैंडपंपों को स्थापित करने का कार्य मई, 2021 तक स्थगित रहा।

वे प्रश्नकाल के दौरान विधायक राम लाल ठाकुर के सवाल का जवाब दे रहे थे। जलशक्ति मंत्री ने कहा कि इसके बाद जलशक्ति विभाग को पिन प्वाइंटिड साइट्स पर हैंडपंप स्थापित करने की अनुमति दी और फिर 65 जरूरतमंद बस्तियों के चिन्हित स्थलों का प्राकलन तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि 1 फरवरी, 2022 तक 1 हैंडपंप स्थापित कर दिया गया है और बाकी हैंडपंपों को स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है।

उन्होंने कहा कि अभी तक 28 हैंडपंप स्थापित करने के लिए कार्य आबंटित कर दिया गया है। विधायक रमेश धवाला, भवानी सिंह पठानिया, कर्नल इंद्र सिंह और आशा कुमारी ने भी अपने-अपने सवाल पूछे। Animal Damage to Agriculture

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