Tuesday, December 6, 2022
Homeहिमाचल प्रदेशOnline Completion of Workshop आधुनिक दौर में ब्लैंडेड लर्निंग महत्वपूर्ण

Online Completion of Workshop आधुनिक दौर में ब्लैंडेड लर्निंग महत्वपूर्ण

- Advertisement -

Online Completion of Workshop आधुनिक दौर में ब्लैंडेड लर्निंग महत्वपूर्ण

  • केंद्रीय विवि में मिश्रित अधिगम पर 7 सप्ताह की कार्यशाला का समापन
  • प्रतिभागियों ने प्रस्तुति देकर कार्यशाला की सार्थकता को दर्शाया

इंडिया न्यूज, कांगड़ा/धर्मशाला :

Online Completion of Workshop : हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला के ओईआर प्रकोष्ठ की ओर से 7 सप्ताह की कार्यशाला का ओनलाइन समापन किया गया।

राष्ट्रमंडल शैक्षिक मीडिया केंद्र, नई दिल्ली और ट्रेनिंग फैसिलिटेटर आईटी फोर चेंज, बेंगलुरू के संयुक्त तत्वावधान में इस प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।

विवि के कुलपति के सचिव प्रो. अंबरीश कुमार महाजन ने इस कार्यशाला के समापन समारोह की अध्यक्षता की। समापन कार्यशाला के आयोजनकर्ता सीईएमसीए कामनवेल्थ एजुकेशनल मीडिया सेंटर फोर एशिया, नई दिल्ली के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी, डा. मानस रंजन पाणिग्रही ने सभी प्रतिभागियों का आभार जताया।

इस दौरान 7 सप्ताह तक चली कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति सभी के समक्ष रखी। डा. रानू ठाकुर और ज्योत्सना धीमान की प्रस्तुति को सभी ने सराहा।

इस मौके पर केंद्रीय विवि के ओईआर प्रकोष्ठ के मानद निदेशक प्रो. मनोज सक्सेना ने कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों की प्रस्तुति से इस कार्यशाला की सफलता का पता चलता है। जिस उद्देश्य के साथ उक्त कार्यशाला का आयोजन गया, वह लक्ष्य पूर्ण हो गया।

मिश्रित अधिगम (ब्लैंडेड लर्निंग) अभी तक चल रहे पढ़ाने के तरीकों को परिवर्तित नहीं, बल्कि उसे आधुनिक रूप देने का माध्यम है। यह शिक्षा को और अधिक प्रभावशाली बनाता है।

ई-लर्निंग से शिक्षा बच्चों के लिए और अधिक सुविधाजनक हो रही है। राष्ट्रमंडल शैक्षिक मीडिया केंद्र, नई दिल्ली की निदेशक प्रो. मधु पराहार ने मिश्रित अधिगम (ब्लैंडेड लर्निंग) के संबंध में आयोजित इस कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी।

 

उन्होंने कहा कि कोविड के कारण शिक्षा को सुचारू रखने में संस्थानों को काफी दिक्कतें आई हैं लेकिन अब धीरे-धीरे सब सामान्य हो रहा है।

इस कार्यशाला के संचालन में भी इसी कारण काफी परेशानियां आर्इं। इसके बावजूद प्रतिभागियों की प्रस्तुति से पता चल रहा है कि इस कार्यशाला को जिस उद्देश्य के साथ आयोजित किया गया था, वो उद्देश्य सफल रहा।

विवि के कुलपति के सचिव प्रो. अंबरीश कुमार महाजन ने कार्यशाला के समापन पर बतौर अध्यक्ष भाग लेते हुए सभी का आभार जताया।

उन्होंने कहा कि कोविड के समय में हम सभी को काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं। यह दौर काफी कुछ सीखा भी गया। इस दौरान ओनलाइन कक्षाओं का संचालन होता रहा।

इससे ई-लर्निंग का महत्व सभी को पता चला। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में मिश्रित अधिगम (ब्लैंडेड लर्निंग) को काफी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में कई संस्थान ओनलाइन कोर्स चला रहे हैं।

बच्चे भी उन कोर्स को कर रहे हैं और अच्छा परिणाम आ रहा है। उन्होंने राष्ट्रमंडल शैक्षिक मीडिया केंद्र, नई दिल्ली और ट्रेनिंग फैसिलिटेटर आईटी फोर चेंज, बेंगलुरू के संयुक्त तत्वावधान में इस प्रशिक्षण कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन नए शिक्षकों के लिए काफी फायदेमंद साबित होते हैं।

इस कार्यशाला में मिश्रित अधिगम के बारे में शिक्षक-प्रशिक्षकों को किस तरह का प्रशिक्षण मिला, यह 2 प्रतिभागियों की प्रस्तुति से पता चलता है।

मौजूदा समय में पाठ्य सामग्री सांझा करने के विभिन्न तरीकों, विशेषकर आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल कर पठन-पाठन करने को विकसित करने की आवश्यकता है। ओनलाइन आयोजित इस कार्यशाला का संचालन विवि की रिसर्च स्कोलर आकृति सिंह ने किया। Online Completion of Workshop

Read More : Drug Samples Fail कांग्रेस ने सरकार को घेरा

Connect with us : Twitter | Facebook | Youtube

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular