Tuesday, December 6, 2022
Homeहिमाचल प्रदेशUnique Wedding जब जेसीबी लेकर दुल्हन लेने पहुंचा दूल्हा

Unique Wedding जब जेसीबी लेकर दुल्हन लेने पहुंचा दूल्हा

- Advertisement -

Unique Wedding जब जेसीबी लेकर दुल्हन लेने पहुंचा दूल्हा

  • भारी हिमपात के बाद संगड़ाह की किसी सड़क पर यातायात बहाल नहीं

रमेश पहाड़िया, नाहन (सिरमौर) :

Unique Wedding : आपने शादी-ब्याह के कई किस्से सुने होंगे लेकिन ऐसा पहली बार सुना होगा कि कोई दूल्हा अपनी जीवन संगिनी को लेने जेसीबी में बारात लेकर पहुंचा हो।

जी हां… ऐसा ही मामला हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर गिरिपार के संगड़ाह में सामने आया है जहां पहली बार जेसीबी में बारात गई हो। इलाके में 3 फुट के करीब बर्फ से ढके संगड़ाह-गत्ताधार-शिलाई मार्ग पर एक बारात को जेसीबी में ले जाना पड़ा।

दरअसल डिग्री कालेज संगड़ाह के साथ लगते जावगा से बारात सौंफर गांव जाने वाली थी। संगड़ाह से 8 किलोमीटर आगे बंद सड़क पर पहले तो जेसीबी से बर्फ हटाने की कोशिश की गई।

जब बात नहीं बनी तो जेसीबी में ही आधा दर्जन बाराती चले गए। गत रात्रि लौटते वक्त 2 मशीनों की व्यवस्था करनी पड़ी तथा सोमवार सुबह शादी की शेष रस्में हुर्इं।

शनिवार से हिमपात का सिलसिला जारी (Unique Wedding)

उपमंडल संगड़ाह के ऊपरी हिस्सों में शनिवार से हिमपात का सिलसिला जारी है और 2 से 3 फुट के करीब बर्फ के चलते डेढ़ दर्जन पंचायतों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।

दूल्हे के पिता जगत सिंह ने आगे जाने के लिए जेसीबी का इंतजाम किया। इसमें दूल्हा विजय प्रकाश, भाई सुरेंद्र, पिता जगत सिंह, भाग चंद व फोटोग्राफर को बिठाकर 30 किलोमीटर सफर तय कर रतवा गांव पहुंचे। वहां विवाह की सारी रस्में निभार्इं और दुल्हन लेकर वापस लौटे।

40 की जगह 100 किमी का सफर तय किया (Unique Wedding)

गिरिपार क्षेत्र के गत्ताधार गांव में भी बारिश और बर्फबारी से सड़क बंद होने के कारण एक दूल्हे को करीब 100 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर कर अपनी अर्धांगिनी तक पहुंचने के लिए तय करना पड़ा।

यदि मार्ग बंद नहीं होता तो यह दूरी केवल 40 किलोमीटर ही थी। गताधार गांव से रविवार को दूल्हा रामलाल, भाई वीरेंद्र, मामा गोपाल सिंह बारात लेकर दुल्हन लेने करीब 100 किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय कर उपमंडल संगड़ाह के ग्राम डूंगी पहुंचे।

भले ही बारात को मुहूर्त के हिसाब से 8 बजे प्रात: निश्चित समय पर पहुंचना था लेकिन गत्ताधार संगड़ाह मार्ग पर भारी बर्फबारी के चलते उन्हें वाया शिलाई, पांवटा साहिब मार्ग चुनना पड़ा।

इसमें भी कई जगह पैदल चलना व गाड़ियों को बदलना पड़ा। जो सफर 2 घंटे में तय करना था, वह मार्ग बंद होने के कारण लगभग 12 घंटे में पूरा हुआ।

गौर हो कि भारी बर्फबारी के चलते क्षेत्र की संगड़ाह-चौपाल, हरिपुरधार-नौहराधार, संगड़ाह-गत्ताधार व नौहराधार-संगड़ाह आदि सड़कों पर सोमवार को तीसरे दिन भी यातायात व्यवस्था ठप्प रही।

एक भी स्नोकटर नहीं (Unique Wedding)

लोक निर्माण विभाग मंडल संगड़ाह में एक भी स्नोकटर नहीं है और जेसीबी से बर्फ हटाने में ज्यादा समय लग जाता है। इन सड़कों के बंद होने से 150 के करीब गाड़ियां जगह-जगह फंसी हैं जिनमें 2 दर्जन बर्फ देखने आए लोगों की बताई जा रही हैं।

उपमंडल की डेढ़ दर्जन पंचायतों में हिमपात के चलते यातायात के साथ-साथ विद्युत व पेयजल आपूर्ति भी बाधित है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संगड़ाह रतन शर्मा ने कहा कि बर्फ हटाने के लिए 8 जेसीबी की व्यवस्था की गई है। Unique Wedding

Read More : Netaji Statue Unveiled नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण

Connect with us : Twitter | Facebook | Youtube

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular