Tuesday, December 6, 2022
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आईएचबीटी पालमपुर में सीएसआईआर निदेशकों का सम्मेलन-2022 शुरू

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आईएचबीटी पालमपुर में सीएसआईआर निदेशकों का सम्मेलन-2022 शुरू

इंडिया न्यूज, पालमपुर (Palampur-Himachal Pradesh)

सीएसआईआर-निदेशकों का सम्मेलन-2022 (CSIR-Directors’ Conference-2022) सीएसआईआर-हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान, पालमपुर (IHBT-Palampur) में आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन का विषय ’’समाज और उद्योग के लिए सीएसआईआर’’ है। डॉ0 एन0 कलैसेल्वी, महानिदेशक, सीएसआईआर और सचिव, वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर), विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार (Dr. N. Kalaiselvi, Director General, CSIR and Secretary, Department of Scientific and Technological Research (DSIR), Ministry of Science and Technology, Government of India) इस सम्मेलन की अध्यक्षता कर रही हैं।

भारत भर के सीएसआईआर संस्थानों के निदेशकों के साथ-साथ उत्कृष्ट वैज्ञानिक (outstanding scientist) और सीएसआईआर मुख्यालय के विभिन्न वर्गों के प्रमुख (Heads of various sections of CSIR Headquarters) भी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

डॉ0 एन0 कलैसेल्वी ने सीएसआईआर-आईएचबीटी का दौरा किया और संस्थान से जुड़े स्टार्ट-अप, इनक्यूबेटर और किसानों सहित वैज्ञानिकों और विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत की।

उन्होने सीएसआईआर प्रयोगशालाओं के निदेशकों के साथ सीएसआईआर अरोमा मिशन के तहत सुगंधित गेंदा की खेती और प्रसंस्करण के लिए संस्थान द्वारा शुरू की गई विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का आकलन करने के लिए खड़ी बेही, करेरी, धर्मशाला का दौरा किया।

इससे पहले, सीएसआईआर-आईएचबीटी के निदेशक डॉ0 संजय कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया और उन्हें संस्थान की अनुसंधान और विकास गतिविधियों के बारे में अवगत कराया।

उन्होंने बड़े पैमाने पर किसानों, उद्यमियों और समाज को सशक्त बनाने के माध्यम से जैव अर्थव्यवस्था उत्पन्न करने के लिए संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।

डॉ0 एन0 कलैसेल्वी ने भारत के विभिन्न राज्यों में सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों के साथ काम करने के लिए संस्थान की सराहना की। उन्होंने संस्थान द्वारा किसानों के लाभ के लिए नई फसलों की खेती तथा स्टार्ट-अप और उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी सराहा।

उन्होंने जमीनी स्तर पर गरीब व्यक्तियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए ऐसे तकनीकी नवाचारों पर प्रयास जारी रखने का सुझाव दिया।

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