Wednesday, October 5, 2022
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बादल फटने से कई दुकानों व गाड़ियों को नुकसान।

बादल फटने से कई दुकानों व गाड़ियों को नुकसान।

  • नुक्सान का आकलन करने के भी दिए निर्देश
  • दो मकान, दो दुकानें, तीन खोखे पूर्णरूप से क्षतिग्रस्त
  • 45 भेड़ बकरियां लापता, नाग टेंपल रेन शेल्टर क्षतिग्रस्त

इंडिया न्यूज, धर्मशाला (Dharamshala-Himachal Pradesh)

धर्मशाला के साथ लगते खनियारा गांव में बादल फटने के बाद नाले में बाढ़ आ गई। इससे बड़ी मात्रा में मलबा घरों और दुकानों में घुस गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कई मकानों, दुकानों व गाड़ियों को क्षति पहुंची है। इसके अलावा सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है।

बताया जाता है कि बादल फटने के बाद आए अचानक पानी से गांव के मंदिर को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
प्रशासन द्वारा बंद रास्ते को खोलने के लिए मशीनरी भेज दी है और प्रशासनिक अधिकारी भी भेज दिये है ताकि नुक्सान का आकलन किया जा सके। अभी तक किसी के हताहत होने का अधिकारिक समचार नहीं है।

उपायुक्त डा0 निपुण जिंदल ने भारी बारिश से खन्यारा में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के निर्देश दिए हैं इसके साथ ही राहत और पुनर्वास के कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रभावित लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो।

उल्लेखनीय है शुक्रवार को भारी बारिश के चलते खन्यारा में दो दुकानें, दो मकान तथा तीन खोखे पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं इसके साथ ही 15 मकान तथा तीन दुकानें आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त हुए हैं इसके साथ ही 45 भेड़ बकरियां लापता हैं। इसके अतिरिक्त भी नाग टेंपल रेन शेल्टर, नाग मंदिर गेट भी क्षतिग्रस्त हुआ है।

उन्होने बताया कि सूचना मिलते ही प्रशासन की ओर से तहसीलदार अपूर्व शर्मा की अगुवाई में टीम को खन्यारा में राहत तथा पुनर्वास कार्य के तत्काल प्रभाव से आरंभ करने के निर्देश दिए गए भारी बारिश के चलते खन्यारा में हुए नुक्सान का जायजा लिया जा रहा है इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हो इस के लिए जिला प्रशासन की ओर से कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को फौरी राहत भी प्रदान की जा रही है।

उन्होने कहा कि जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन को लेकर कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है इसके साथ ही सभी उपमंडल स्तर भी कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं ताकि आपदा की सूचना मिलने पर तुरंत प्रभाव से राहत तथा पुनर्वास के कार्यों में तेजी लाई जा सके।

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