Monday, November 28, 2022
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निक्षय दिवस के उपलक्ष्य पर टी.बी. प्रीवेंटिव थेरेपी (टी.पी.टी.) इलाज ले रहे व्यक्तियों के साथ बैठक आयोजित

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निक्षय दिवस के उपलक्ष्य पर टी.बी. प्रीवेंटिव थेरेपी (टी.पी.टी.) इलाज ले रहे व्यक्तियों के साथ बैठक आयोजित

  • 1100 से अधिक का चल रहा है टीबी से बचाव का इलाज – सीएमओ

इंडिया न्यूज, धर्मशाला(Dharamshala-Himachal Pradesh)

निक्षय दिवस (Nikshay Diwas) के उपलक्ष्य पर टी.बी. (TB) प्रीवेंटिव थेरेपी (टी.पी.टी.)(T.P.T) इलाज ले रहे व्यक्तियों के साथ पेशेंट प्रोवाइडर मीटिंग (patient provider meeting) धर्मशाला में सीएमओ कार्यशाला स्थित सभागार में आयोजित की गयी। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉक्टर गुरदर्शन गुप्ता (Chief Medical Officer, Dr Gurdarshan Gupta) ने की।

उन्होने कहा कि भारत में एक तिहाई व्यक्ति निष्क्रिय टी.बी. (TB) के साथ जी रहे हैं निष्क्रिय टी.बी. (Inactive TB) यानि कि व्यक्ति मे बैक्टीरिया तो है पर रोग नहीं उत्पन्न कर रहा है, इसलिए सरकार के दिशानिर्देश मे जिला काँगड़ा मे निष्क्रिय टी.बी. का इलाज किया जा रहा है। यह इस प्रकार की पहली व अनोखी बैठक रही। टी.बी.की बीमारी दो तरह की होती है लेटेंट-निष्क्रिय टीबी (latent-inactive TB) और एक्टिव-सक्रिय टी.बी. (Active-Active TB)। किसी के भी शरीर में ट्यूबरक्लोसिस (TB) के बैक्टीरिया (bacteria) हो सकते है, लेकिन इम्यूनिटी (immunity) इन्हें शरीर में फैलने से रोके रहती है, इसे छिपा हुआ या लेटेंट टी.बी. (latent-inactive TB) कहते हैं। टी.बी.के जीवाणु (bacteria) हम सभी में मौजूद रहते हैं पर अगर इम्यूनिटी मजबूत हो तो यह सक्रिय टी0 बी0 की बीमारी में नहीं बदल पाते।

जिला काँगड़ा मे अक्षय प्लस प्रोजेक्ट (Akshay Plus Project) के सहयोग से टी0 बी0 के मरीजों के परिजनों का टी0 पी0 टी0 इलाज किया जा रहा है। जिला काँगड़ा मे अक्टूबर 2021 से अब तक 1400 टी.बी. मरीजों के परिजनों को होम विजिट (home visit) किया जा चुका है जिनके तहत 4500 से अधिक परिजनों की स्क्रीनिंग (screening) एवं निष्क्रिय टी0 बी0 के इन्फेक्शन की टेस्टिंग करी गयी। इनमे से जिन परिजनों मे टी0 बी0 का निष्क्रिय बैक्टीरिया पाया गया, उनका टी0 बी0 से बचाव (टीपीटी) शुरू किया गया है और जिला काँगड़ा मे अब तक 1100 से अधिक परिजनों का टी0 बी0 से बचाव का इलाज चल रहा है और उन्होंने ये भी बताया कि जिला मे 250 का यह इलाज सफलतापूर्वक पूरा भी हो चुका है।

उन्होने यहाँ बैठक में आए सभी टी0 बी0 के रोगियों और टी0 बी0 से बचाव का इलाज ले रहे परिजनों से वार्ता करते हुए उन्हें इस बीमारी से शीघ्र ठीक होने के उपाय भी बताए, उन्होंने ये भी बताया कि पुराने समय में टी0 बी0 की बीमारी को एक अभिशाप की तरह माना जाता था, क्योंकि उस समय इस बीमारी से बचाव एवं इलाज के लिए दवा उपलब्ध नहीं थी परन्तु आज के समय मे टी0 बी0 का इलाज संभव है और मरीज नियमित दवाई के सेवन से ठीक हो जाता है अतः यह एक कोई अभिशाप नहीं बल्कि एक बीमारी मात्र है जिसको छुपाने की नहीं बल्कि इलाज कराने कि जरूरत है।

उन्होंने कार्यक्रम मे उपस्थित सभी लोगो से अनुरोध किया कि अपने आस-पास व रिश्तेदारों को इस बीमारी के बारे मे जागरूक करें और साथ ही इससे छुपाये नहीं, बल्कि इसका इलाज कराने लिए प्रेरित करें तभी हम अपने समाज व देश से टी0 बी0 का उन्मूलन कर सकते हैं।

इसी संदर्भ मे जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर राजेश कुमार सूद ने बताया कि टी0 बी0 के मरीजों के साथ रहने वाले परिजनों को भी टी0 बी0 के निष्क्रिय कीटाणु पाए जाने की सम्भावना होती है और दस में से एक की संभावना है कि भविष्य में किसी समय वह कीटाणु सक्रिय हो जाएंगे और आप को बीमार करेंगे।

इस बैठक की अहम बात यह रही कि कार्यक्रम मे जिला काँगड़ा के कुछ (टी.पी.टी.) इलाज ले रहे व्यक्तिओं ने भी अपने अनुभव साझा किये। साथ ही सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार जोखिम वाले व्यक्ति यानी ऐसे मरीज जो किसी और बीमारी जैसे कि कैंसर-गुर्दे का रोग या किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होने से बीमारी से लड़ने की क्षमता कमजोर हो जाती है, उनको भी इस प्रोग्राम के तहत टी0 बी0 प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट शुरू किया जा रहा है और इस कार्यक्रम मे ऐसे मरीज भी सम्मिलित किये गए थे।

इस कार्यक्रम मे शिरकत करते हुए जिला स्वास्थय अधिकारी डॉक्टर विक्रम कटोच ने बताया कि जिला भर मे जिला क्षय रोग विभाग व अक्षय प्लस कि टीम द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है और इसी टीम के प्रयास से यहाँ उपस्थित मरीज व उनके परिजनों का इलाज हो रहा है, अगर किसी के शरीर मे निष्क्रय टी0 बी0 के जीवाणु हों तो दस मे से एक एक की संभावना है कि भविष्य मे किसी समय वह रोगाणु सक्रिय हों जायेंगे और इसी से बचाव के लिए जिला भर मे टी0 बी0 से बचाव यानी टीपीटी कार्यक्रम प्रगति पर है।

विश्व स्तर पर टी0 बी0 मृत्यु के शीर्ष 10 कारणों में से एक है। पिछले वर्षों में बेशक टी0 बी0 में कमी आयी है, परन्तु विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रणनीति द्वारा निर्धारित लक्ष्यों से बहुत दूर है, जिसका उद्देश्य टी0 बी0 से होने वाली मौतों को 2035 तक 90 प्रतिशत कम करना है।

इस कार्यक्रम मे टी0 बी0 के जाने माने वरिष्ट चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर व्योम भरद्वाज के साथ अक्षय प्लस के जिला अधिकारी प्रवीण चैहान व ब्लॉक कोऑर्डिनेटर विश्व बंधू और साथ ही टी0 बी0 हेल्थ विजिटर सुबेष कुमार एवं कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर तमन्ना, पुष्पलता, अंकिता नंदा व तन्वी मुख्य तौर पर उपस्थित रहे।

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