Wednesday, October 5, 2022
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प्रो. प्रदीप उत्कृष्ट शिक्षक, डा. सुमन उत्कृष्ट प्रशासक शिक्षक चुने

प्रो. प्रदीप उत्कृष्ट शिक्षक डा. सुमन उत्कृष्ट प्रशासक शिक्षक चुने

  • केंद्रीय विश्वविद्यालय के धौलाधार परिसर-एक में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए मिला सम्मान
  • विवि के कुलपति रहे मौजूद, शिक्षकेतर कर्मियों को भी सेवाओं के लिए किया गया पुरस्कृत

इंडिया न्यूज, धर्मशाला (Dharamshala-Himachal Pradesh)

हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (Central University of HP) के धौलाधार परिसर-एक (Dhauladhar Parisar-1) में शिक्षा (education) के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान (outstanding contribution) के लिए संकाय सदस्यों (faculty members) और शिक्षकेतर कर्मियों (non-teaching staff) को सम्मानित (honored) किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि विवि के कुलपति प्रो0 सत प्रकाश बंसल (Chief Guest Prof. Sat Prakash Bansal, Vice Chancellor of the University) ने शिरकत की। अधिष्ठाता अकादमिक प्रो0 प्रदीप कुमार (Dean Academic Prof. Pradeep Kumar) ने मुख्य अतिथि कुलपति का स्वागत करते हुए उन्हें सम्मानित किया।

गैर शिक्षक संवर्ग से उत्कृष्ट योगदान के लिए परीक्षा नियंत्रक कार्यालय से एलडीसी नरेंद्र जंबाल  (2nd from right) सम्मानित किया गया।

इस मौके पर विवि के कुलपति प्रो0 सत प्रकाश बंसल (Prof. Sat Prakash Bansal) ने सभी को शिक्षक दिवस (teachers day) की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वास्तव में शिक्षक कौन है ? क्या शिक्षक वो है जो पढ़ाने का काम करता है या शिक्षक वो है जो कुछ देता है। देने के रूप में तो कोई भी हो सकता है। बच्चे का पहला गुरू मां है। दूसरा गुरू पिता है। तीसरा गुरू वह शिक्षक है जिससे हम जाने – अनजाने में बहुत कुछ सीखते हैं। एक शिक्षक पल-पल अग्नि में जलकर रोशनी देने का प्रयास करता है। तभी तो शिक्षक राष्ट्र निर्माता कहलाता है। हरेक के जीवन में कोई न कोई गुरू तो होगा। बिना गुरू के गति नहीं है, ऐसा कहा भी जाता है। शिक्षक वह है जो कहीं न कहीं राष्ट्रनिर्माण की कल्पना करते हुए राष्ट्रनिर्माता को तैयार करता है। केवल पाठ्यक्रम पढ़ाकर राष्ट्रनिर्माता को तैयार नहीं किया जा सकता। गुरू आपसे बड़ा भी हो सकता है, गुरू आपसे छोटा भी हो सकता है। जिससे हमने प्रेरणा ली वह हमारा दूसरा गुरू है।

इस अवसर पर दिए गए पुरस्कारों में उत्कृष्ट शिक्षक का पुरस्कार पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो0 प्रदीप कुमार को दस हजार रुपये, प्रशस्तिपत्र और स्मृति चिन्ह, कंप्यूटेशनल जीव विज्ञान एवं जैवसूचना केन्द्र के निदेशक एवं सह-प्राध्यापक डा0 महेश कुलाहरिया को सात हजार रुपये, प्रशस्तिपत्र और स्मृति चिन्ह, पर्यावरण विज्ञान विभाग से सहायक प्रो0 अंकित टंडन और समाज कार्य विभाग से सहायक प्रोफेसर डा0 अंबरीन जमाली पांच-पांच हजार, प्रशस्तिपत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। वहीं उत्कृष्ट शोधकर्ता शिक्षक का पुरस्कार पशु विज्ञान विभाग के सह-आचार्य डा0 सुनील कुमार को गोल्ड मेडल, प्रशस्तिपत्र और स्मृति चिन्ह, भौतिकी एवं खगोल विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डा. राजेश कुमार सिंह को सिल्वर मेडल, प्रशस्तिपत्र और स्मृति चिन्ह, बिजनेस स्कूल से सहायक आचार्य डा. चमन लाल को कांस्य पदक प्रशस्तिपत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रशासक शिक्षक के पुरस्कार से डा. सुमन शर्मा को प्रशस्तिपत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। गैर शिक्षक संवर्ग से उत्कृष्ट योगदान के लिए कुलपति कार्यालय से सहायक कुलसचिव राजीव राजपूत, वित्त कार्यालय से सहायक पंकज, परीक्षा नियंत्रक कार्यालय से एलडीसी नरेंद्र जंबाल, सहायक ताराचंद, तकनीकी सहायक जीव जंतु विभाग से सोनम बोध को सम्मानित किया गया। इससे पहले राष्ट्र स्तर पर भारत के राष्ट्रपति शिक्षा मंत्रालय द्वारा सम्मानित संकाय सदस्यों को विवि के कुलपति ने सम्मानित किया। जिसमें भारत सरकार से वर्ष 2016 में उत्कृष्ट अन्वेषक पुरस्कार से सम्मानित प्रो0 ओ0 एस0 के0 एस शास्त्री, राष्ट्रपति जी द्वारा वर्ष 2017 में आगंतुक पुरस्कार से पुरस्कृत प्रो. दीपक पंत, राष्ट्रपति जी द्वारा वर्ष 2017 में भू-विज्ञान सम्मान हासिल करने पर प्रो0 अंबरीश महाजन को सम्नानित किया। धन्यवाद ज्ञापन विवि के कुलसचिव प्रो0 विशाल सूद ने दिया।

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