Monday, October 3, 2022
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हैकाथान-2022 के विजेताओं को किया सम्मानित

प्रतियोगिता के विजेता 3 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह के साथ-साथ पहला स्थान हासिल करने के लिए 10,000 रुपए, दूसरा स्थान हासिल करने के लिए 5,000 रुपए और तीसरा स्थान हासिल करने के लिए 3,000 का चेक दिया गया।

हैकाथान-2022 के विजेताओं को किया सम्मानित

  • हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय ने करवाया हैकाथान-2022 का आयोजन
  • विश्वविद्यालय के कुलपति ने प्रमाण पत्र, चेक और स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित

इंडिया न्यूज, धर्मशाला।

Winners of Hackathon-2022 honored : हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय (Himachal Pradesh Central University) के कुलपति सचिवालय में मंगलवार को हैकाथान-2022 के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

विवि के कुलपति प्रो. सतप्रकाश बंसल ने विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र, नकद पुरस्कार और स्मृति चिन्ह देकर पुरस्कृत किया।

इस मौके पर उद्भव केंद्र के निदेशक प्रो. ओएसकेएस शास्त्री और आईआईसी के चेयरमैन प्रो. दीपक पंत मौजूद रहे। विश्वविद्यालय की ओर से हैकाथान-2022 का पहली बार आयोजन किया गया।

इस आयोजन के लिए यूआईआईटी, शिमला, एनआईटी कुरुक्षेत्र, राजकीय पालिटेक्निक हमीरपुर, एचआईईटी शाहपुर और हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विवि जैसे विभिन्न संस्थानों की कुल 8 टीमों ने पंजीकरण करवाया था।

उद्भव केंद्र के निदेशक प्रो. ओएसकेएस शास्त्री ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए 3 विषय ई-कामर्स पोर्टल, नालेज बेस पोर्टल और छात्र मूल्यांकन पोर्टल को शामिल किया गया था।

अर्चित, चिराग, अनिल-पंकज रहे पहले 3 स्थान पर (Winners of Hackathon-2022 honored)

इस प्रतियोगिता के विजेता 3 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह के साथ-साथ पहला स्थान हासिल करने के लिए 10,000 रुपए, दूसरा स्थान हासिल करने के लिए 5,000 रुपए और तीसरा स्थान हासिल करने के लिए 3,000 का चेक दिया गया।

प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों के चयन के लिए आईटी उद्योग के क्षेत्र के 3 विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई थी जिसमें टोमिया ग्लोबल के पार्थ शर्मा, एप्लाइड मैटेरियल्स लिमिटेड के गणेश कुमार और सीडीएसी हैदराबाद के प्रशांत शामिल रहे।

फाइनल के दिन टीमों ने अपने सबमिशन का डेमो दिया और विशेषज्ञ टीम ने प्रत्येक को 1 या 2 चैलेंज दिए। टीमों को चैलेंज पूरा करने के लिए शाम तक का समय दिया गया था और फिर शाम को उन्हें प्रेजेंटेशन देना था।

इसमें प्रथम पुरस्कार अर्चित शर्मा, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, एचपीयू, शिमला, द्वितीय पुरस्कार चिराग शर्मा, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला और तीसरा पुरस्कार अनिल कुमार और पंकज ठाकुर, राजकीय पालिटेक्निक, हमीरपुर ने हासिल किया।

इस मौके पर हिप्रकेवि के संस्थागत नवाचार परिषद के अध्यक्ष प्रो. दीपक पंत ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।

हैकाथान-2022 का पहली बार आयोजन (Winners of Hackathon-2022 honored)

विवि के कुलपति प्रो. सतप्रकाश बंसल (Pro. Sat Prakash Bansal) ने सभी विजेता प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि यह विवि की ओर से हैकाथान-2022 का पहली बार आयोजन किया गया था।

उन्होंने विजेता प्रतिभागियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि उनके द्वारा की गई पहल केवल यही तक सीमित न रहे। उनकी खोज समाज के लिए लाभदायक साबित हो, इसके लिए प्रयास किए जाएं।

अर्चित शर्मा का प्रोजेक्ट (Winners of Hackathon-2022 honored)

यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, एचपीयू, शिमला, अर्चित शर्मा के अनुसार उनके प्रोजेक्ट का नाम स्टुवडेंट असेस्मेंटट पोर्टल है।

इसमें सबसे पहले एनएफसी (NFC) और क्यूआर कोड (QR Code) के द्वारा अटेंडेंस मार्क होती है। उसके बाद गूगल (Google) फार्म में आपकी लोकेशन, ओएस संख्या, आईपी अड्रेस नोट होता है।

फिर आप टेस्ट में जो भी भरते हैं, मार्क्स और उत्तर होते हैं, एपीआई के द्वारा स्लैहक एप में चले जाते हैं। उससे हर एक बच्चे के व्यक्तिगत मार्क्स अपने आप नोट होते रहते हैं।

हमें अलग से कोई सिस्टलम का उपयोग नहीं करना पड़ता। इससे सभी बच्चों के मार्क्स अपने आप नोट होते रहते हैं। सभी का एक रिपोर्ट कार्ड बनता है।

यह बच्चों के साथ-साथ अध्यापकों एवं अभिवावकों के लिए भी फायदेमंद है जैसे कान्वेंट स्कूलों जिनमें हर बच्चे के लिए स्पेशल मार्क्स होते हैं, हर बच्चे का उत्तर भिन्न होता है। यह पोर्टल सभी के मार्क्स नोट करता है।

राग शर्मा का प्रोजेक्ट (Winners of Hackathon-2022 honored)

दूसरा स्थान हासिल करने वाले चिराग शर्मा, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला के अनुसार अमेजन (Amazon) एवं फ्लिपकार्ट (flipkart) जैसी कंपनियां अपने विक्रेताओं से 5 से लेकर 20 प्रतिशत तक उत्पादों की बिक्री के लिए कमीशन चार्ज करती हैं।

जितने भी शाप आनर्स या होलसेलर्स (wholesaler) या ड्रिस्ट्रिब्यूटर्स (distributor) हैं, अपनी खुद की वेबसाइट (website) बना सकते हैं। उनसे केवल होस्टिंग (hosting) के प्रति माह चार्ज करेंगे। वे जितने चाहे प्रोडक्ट्स सेल (product sale) कर सकते हैं।

उससे उनका कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा। इससे उनको खुद की वेबसाइट मिलेगी। यह डिजिटलाइजेशन के लिए भी काफी अहम होगा।

अनिल और पंकज के प्रोजेक्ट (Winners of Hackathon-2022 honored)

तीसरा स्थान हासिल करने वाले अनिल कुमार और पंकज ठाकुर, राजकीय पालिटेक्निक, हमीरपुर के अनुसार उन्होंने जो डिटेक्टर अलर्ट सिस्टम (detector alert system) तैयार किया है, वह बैंक सिक्योरिटी (bank security) या कालेज सिक्योरिटी सर्वर रूम्स (server rooms) के लिए उपयोग किया जा सकता है।

इसके लिए सिंगल बोर्ड कंप्यूटर का इस्तेमाल किया गया है। इसके माध्यम से किसी भी बाहरी गतिविधि का अलर्ट मैसेज आ जाता है जिससे समय रहते उसे रोका जा सकता है।

इसे स्कूलों, सर्वर रूम्स, इंडस्ट्रीज के सिक्योरटी रूम्स आदि में उपयोग में लाया जा सकता है। Winners of Hackathon-2022 honored

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